महाराज – Param Satya – Uttarakhand Varta – News Hunts

महाराज – Param Satya – Uttarakhand Varta

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देहरादून 09 अप्रैल। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ सिंचाई विभाग द्वारा जो मांग पत्र प्रस्तुत किया गया है उन सभी न्यायोचित समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर समाधान करने का प्रयास किया जायेगा।
उक्त बात प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने यमुना कालोनी स्थित अधिकारी क्लब में उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ सिंचाई विभाग के त्रयोदश महाधिवेशन -2025 के समापन अवसर पर संघ के सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों को महाधिवेशन के अनुशासित, भव्य एवं सफल आयोजन हेतु अपनी बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कही।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि सिंचाई विभाग के पास अपने पूर्ववर्ती तत्कालीन संयुक्त उत्तर प्रदेश के गौरवशाली अभियान्त्रिकी इतिहास की उपल्बिधयाँ तथा विशेषज्ञता उपलब्ध है। सिंचाई विभाग द्वारा स्वतन्त्रता प्राप्ति के पूर्व में ही गंगा-यमुना के दोआभ में बडी-बडी सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण व विकास किया गया। इतना ही नहीं सिंचाई विभाग को अन्न उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है।
सिंचाई मंत्री श्री महाराज ने कहा कि आजादी के बाद इस सिंचाई विभाग ने प्रदेश के कोने-कोने में जल संसाधनों को योजनाबद्ध ढंग से विकसित करने का भगीरथ प्रयास करने के साथ-साथ लघु-मध्यम और बड़ी-बड़ी सिंचाई योजनाओं का निर्माण कर प्रदेश के कृषकों की आर्थिकी में योगदान देने के अलावा हरित कान्ति के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपनी महती भूमिका अदा की है। उन्होंने सिंचाई विभाग के मेधावी अभियन्ताओं के श्रम एवं कुशल प्रबंधन के लिए उन्हें साधूवाद देते हुए उत्तराखण्ड में स्थित गंगा-यमुना और इनकी सहायक नदियों पर बडी-बडी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हमें भूकम्प रोधी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए भविष्य की योजनाएं बनानी चाहिएं।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग ने तराई के क्षेत्रों में बडे-बडे बांध-बैराज तथा जलाशयों का निर्माण कर प्रदेश में बाढ की विभीषिका को भी कम करने बड़ा काम किया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के सभी अभियंताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण की मुहिम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अतिरिक्त जल सिंचाई हेतु उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में सिंचाई विभाग के अभियन्ताओं के कुशल प्रबंधन में प्रदेश की दो बड़ी परियोजना सौंग बांध व जमरानी बांध का भी व्यवस्थित रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है।
सिंचाई मंत्री श्री महाराज ने उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ को आश्वस्त किया कि भविष्य में यदि सिंचाई विभाग का पुर्नगठन होगा तो विभागीय पदों की कटौती नहीं की जायेगी। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग में रिक्त कनिष्ठ अभियन्ताओं के पदों को भी शीघ्र भरने की बात भी कही।
इस अवसर पर डिप्लोमा इंजीनियर संघ सिंचाई विभाग के प्रान्तीय अध्यक्ष इंजीनियर भरत सिंह डांगी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष एस० एस० चैहान, संरक्षक इंजीनियर एम०एल० नौटियाल, संयुक्त सचिव जेवएलव शर्मा, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, सिंचाई संघ के महासचिव इंजीनियर अनिल पंवार, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश शर्मा, ग्रामीण निर्माण विभाग के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश जोशी, जल निगम संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार, सिंचाई संघ के महामंत्री राकेश रावत, शान्तनु शर्मा, हरीश नौटियाल, बी०के० डंगवाल एवं कैलाश उनियाल सहित संघ की केन्द्रीय कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीगण एवं अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।




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