पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री और कबड्डी लीग पर भी खालिस्तानियों की बुरी नजर, NIA का खुलासा – News Hunts

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री और कबड्डी लीग पर भी खालिस्तानियों की बुरी नजर, NIA का खुलासा

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो जिस शख्स की हत्या पर हाय तौबा मचा रहे हैं और भारत को कथित तौर पर दोषी ठहरा रहे हैं, वह हरदीप सिंह निज्जर, एक शरीफ नहीं बल्कि खूंखार खालिस्तानी आतंकी था। वह पूरी दुनिया के लिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) और  सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का सदस्य था। भारत में भी NIA ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि निज्जर पंजाब के गैंगस्टरों के साथ मिलकर गिरोह चलाता था, जो लोगों से जबरन रंगदारी उगाही करता था। खालिस्तानियों के कथित पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी तार जुड़े हैं।

NIA ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि निज्जर पंजाब में बैठे गैंगस्टरों के साथ मिलकर रंगदारी, लूट और प्रोटेक्शन मनी का कारोबार करता था। इसमें उसके साथ भूपिंदर सिंह उर्फ भूपी राणा, संदीप उर्फ बंदर, सुखडोल सिंह, गुरपिन्दर सिंह जैसे गैंगस्टर शामिल थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक खालिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर के निशाने पर पंजाब की फिल्म इंडस्ट्री, म्यूजिक इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर्स रहे हैं। इनसे खालिस्तानी आतंकी गैंगस्टर्स की मदद से प्रोटेक्शन मनी वसूल करते थे।

इनके अलावा पंजाब के क्लब मालिकों से भी रंगदारी मांगी जाती थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खालिस्तानी आतंक फैलाकर पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री और कबड्डी लीग पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। खुफिया एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी भारत से रंगदारी वसूल कर उन पैसों से ही भारत के खिलाफ अभियान चलाते हैं। गैंगस्टरों का जाल पंजाब से हरियाणा तक फैला हुआ है।

जांच में ये खुलासा हुआ है कि अर्शदीप डल्ला आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के इशारे पर पंजाब में आरएसएस और हिन्दू नेताओं की हत्या करवाना चाहता था। इसका खुलासा दिल्ली के जहांगीरपुरी से गिरफ्तार बदमाशों ने किया है। दिल्ली  पुलिस की स्पेशल सेल की रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकियों के इशारे पर ये गैंगस्टर पंजाब में बड़ी नफरती योजना को अंजाम देने का फिराक में थे। पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ये लोग खालिस्तानी इशारे पर पंजाब में बड़े पैमाने पर टारगेट किलिंग को बढ़ावा और दंगा फैलाना चाहते थे लेकिन उससे पहले ही ये लोग सुरक्षा एजेंसियों के हत्थ चढ़ गए।

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