जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण के खिलाफ 42 आपत्तियां हुईं दर्ज, देहरादून में सर्वाधिक 15 शिकायतें – News Hunts

जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण के खिलाफ 42 आपत्तियां हुईं दर्ज, देहरादून में सर्वाधिक 15 शिकायतें

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उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मतगणना भी हो चुकी है. कौन प्रत्याशी जीते, कौन हारे इसका फैसला हो चुका है. अब जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव का समय नजदीक आ गया है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत और सदस्य जिला पंचायत के पदों पर दो चरणों 24 और 28 जुलाई को मतदान हुआ था.

31 जुलाई को मतगणना के साथ ही चुनावी नतीजे जारी किए गए थे. ऐसे में जिला पंचायत आरक्षण को लेकर पंचायती राज विभाग ने अनंतिम सूची भी जारी कर दी थी. जिसके तहत 4 अगस्त की शाम 6:00 बजे तक आपत्ति मांगी गई थी. जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण के खिलाफ कुल 42 आपत्तियां दाखिल की गई हैं.

हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के बाकी 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण की अंतिम सूची जारी किए जाने से पहले 1 अगस्त को अनंतिम आरक्षण सूची जारी की गई थी. साथ ही लोगों से आपत्तियां भी मांगी गई थी. इसके तहत 2 अगस्त से 4 अगस्त के बीच कुल 42 आपत्तियां तमाम जिलों में दर्ज हुई हैं. ऐसे में इन सभी आपत्तियों का निस्तारण आज किया जा रहा है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा. इसके बाद बुधवार 6 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी.

जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण संबंधित आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए शासन की ओर से समिति का गठन किया गया है. ये समिति प्राप्त हुई 42 आपत्तियों का आज निस्तारण कर रही है. जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण के खिलाफ प्रदेश के 9 जिलों से कुल 42 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों से एक भी आपत्तियां आरक्षण के खिलाफ प्राप्त नहीं हुई है. सबसे अधिक देहरादून जिले में 15 आपत्तियां और पौड़ी जिले में 9 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं.

पंचायती राज विभाग की ओर से 1 अगस्त को जारी अनंतिम आरक्षण में देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में अध्यक्ष पद को सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है. बागेश्वर जिला पंचायत अध्यक्ष पद को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है. पिथौरागढ़ को अनुसूचित जाति, उधम सिंह नगर को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है. इसके अलावा उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और चंपावत में अध्यक्ष पद को अनारक्षित किया गया है.






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