ग्राउंड जीरो पर CM, केंद्र और राज्य सरकार ने राहत- बचाव अभियान में झौंकी ताकत – News Hunts

ग्राउंड जीरो पर CM, केंद्र और राज्य सरकार ने राहत- बचाव अभियान में झौंकी ताकत

[ad_1]

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत और बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। सीएम ने अधिकारियों को बचाव और राहत अभियान में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी ने भी बुधवार सुबह सीएम धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सीएम ने पीएम को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।

सीएम धामी भी बुधवार सुबह प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हुए। जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने मौके पर राहत और बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी मुलाकात की।

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। सीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर एक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

इधर, राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़, सरसावा और आगरा से 2 चिनूक और 2 एमआई-17 हेलीकॉप्टर, बुधवार तड़के ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उपलब्ध करा दिए। सड़क यातायात बहाल करने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी पहुंचाई जा रही है। बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, आईटीबीपी के 83 अधिकारी और जवान भी लगे हुए हैं। इधर, बीआरओ के 6 अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ बाधित सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने आपदा में घायलों को उपचार प्रदान करने के लिए दून मेडिकल कॉलेज, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए हैं, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का भी उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया है। विशेष रूप से मनोचिकित्सक भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजे गए हैं।






[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *