विजिलेंस टीम को सितारगंज में दो तहसील कर्मियों को 14 हजार रुपए की रिश्वत मामले में गिरफ्तार करना भारी पड़ गया. विजिलेंस की कार्रवाई को गलत बताते हुए राजस्व कर्मियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़ आंदोलन कर दिया. जिससे विजिलेंसकर्मी रातभर तहसील परिसर में ही कैद रहे.
वहीं, उच्चाधिकारियों से कई दौर की वार्ता बाद आखिरकार गतिरोध खत्म हुआ. आपसी सहमति के बाद पकड़े गए दोनों राजस्व कर्मियों को विजिलेंस टीम ने छोड़ दिया. जिसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर तहसील के मुख्य गेट पर लगाया ताला खोल दिया और नियमित कार्य शुरू कर दिया.
बता दें कि सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मियों का करीब 20 घंटे से जारी धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार गुरुवार को समाप्त हो गया. उच्चाधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने पर आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई.
29 जुलाई यानी बुधवार को विजिलेंस टीम ने तहसील परिसर में कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मी बड़ी संख्या में एकजुट हो गए और तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया.
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई एकतरफा और विभागीय प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए की गई है. विरोध स्वरूप उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया. जिसके चलते विजिलेंस टीम रात भर तहसील परिसर में कैद रही.
करीब 20 घंटे से ठप पड़े तहसील के कामकाज के दोबारा शुरू होने से आम लोगों ने भी राहत की सांस ली. हालांकि, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि भविष्य में यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई या कर्मचारियों के हितों के विपरीत कोई कार्रवाई की गई, तो वे फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे.
एसडीम तुषार सैनी ने कहा कि सभी पक्षों से वार्ता के माध्यम से समाधान निकाल लिया गया है और अब तहसील में सामान्य व्यवस्था बहाल हो गई है. ऐसे में दूर दराज से अपनी कागजात संबधी काम के लिए आए हुए लोगों को बड़ी राहत मिली. वहीं, विजिलेंस की यह कार्रवाई सुर्खियों में रहा.