थाना रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. रायपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने डांडा लाखोंड क्षेत्र में गोल्डन फॉरेस्ट से संबंधित जमीन को अपनी जमीन बताकर सौदा किया. साथ ही 35 लाख रुपये ले लिए.
सहस्त्रधारा रोड निवासी वीर सिंह ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में दलाली का काम करने वाले प्रवीण नौटियाल के माध्यम से संबंधित जमीन के बारे में जानकारी मिली थी. आरोपी विनीत कुकरेती ने डांडा लंखोड में करीब 1910 वर्गमीटर जमीन को अपनी बताते हुए उसे बेचने की बात कही थी. इसके बाद बातचीत के बाद 19 जनवरी 2026 को जमीन का अनुबंध किया गया.
अनुबंध के समय उन्होंने 35 लाख रुपये आरोपी को दे दिए थे. बाकी रकम जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद देने की बात तय हुई. बाद में अधिवक्ता के माध्यम से जमीन की जांच-पड़ताल कराई गई तो पीड़ित के मुताबिक जमीन गोल्डन फॉरेस्ट से संबंधित होने की जानकारी सामने आई. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित जमीन राजस्व अभिलेखों में गोल्डन फॉरेस्ट के नाम दर्ज है. साथ ही जमीन उत्तराखंड आबकारी विभाग के पास गिरवी रखे जाने और विभाग की करीब 1.31 करोड़ रुपये की देनदारी होने का भी उल्लेख किया गया है. पीड़ित ने आरोप लगाया कि जमीन के संबंध में आबकारी विभाग की NOC भी आरोपी के पास नहीं थी.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जमीन की मौके पर सीमांकन की स्थिति भी स्पष्ट नहीं थी. जब उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य शुरू कराया तो नगर निगम की टीम वहां पहुंची और निर्माण कार्य रुकवा दिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि आरोपी ने फोन नहीं उठाया. बाद में पैसे वापस करने से भी इनकार कर दिया.
थाना रायपुर प्रभारी संजीत कुमार ने बताया पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी विनीत कुकरेती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. साथ ही मामले की जांच उपनिरीक्षक दीपक देवाड़ी को सौंपी गई है. मुकदमे में जमीन से जुड़े विवाद और 35 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर जांच की जा रही है.