मसूरी नगर पालिका को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया परिसर, बम स्क्वायड कर रहा जांच

पहाड़ों की रानी मसूरी में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका परिषद मसूरी को ई-मेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी मिली। धमकी भरे मेल में नगर पालिका कार्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई है।

साथ ही उत्तराखंड के कई धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण स्थानों का भी उल्लेख किया गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं तथा पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद मसूरी और उपजिलाधिकारी कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पते पर एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ। मेल कथित रूप से खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया है, जिसमें नगर पालिका कार्यालय, देहरादून और दिल्ली के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है।

प्राप्त ई-मेल में आपत्तिजनक और उकसाऊ भाषा का प्रयोग करते हुए कई स्थानों पर विस्फोट करने की धमकी दी गई है। मेल में मसूरी नगर पालिका कार्यालय का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी। नगर पालिका कार्यालय के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

मामले को लेकर मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि नगर पालिका से संबंधित एक ई-मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें बम विस्फोट की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए गए हैं और नगर पालिका परिसर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सतर्कता बढ़ा दी गई ळें उन्होंने बताया कि धमकी भरे मेल की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों की मदद से ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ई-मेल वास्तव में किस स्थान से भेजा गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है या फिर यह केवल अफवाह फैलाने की कोशिश है। पुलिस साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तकनीकी जांच कर रही है। उन्होने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, वाहन या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में ई-मेल की तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि धमकी वास्तविक पाई जाती है तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




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