हरिद्वार में रेलवे की जमीन से हटाया अतिक्रमण, 50 से अधिक झुग्गियां ध्वस्त

आगामी कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले की तैयारियों के बीच प्रशासन की टीम ने हरिद्वार में रेलवे की दस बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराया. जहां टीम ने रेलवे की भूमि पर सालों से चले आ रहे अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरि, सीओ सदर एसपी बलूनी के साथ रेलवे, जिला प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 50 से ज्यादा अवैध झुग्गी झोपड़ियों को ध्वस्त किया. इस दौरान टीम के साथ अतिक्रमणकारियों की हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी और जमकर बुलडोजर चलाकर झुग्गी झोपड़ियों को तोड़ दिया. इस दौरान एक झोपड़ी टीम के सदस्यों के ऊपर भी गिर गई.

बता दें कि पूर्व में रेलवे लाइन के नजदीक में करीब दस बीघा भूमि पर पचास से ज्यादा झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को नोटिस दिया गया था. मंगलवार यानी 23 जून की सुबह करीब 10 बजे सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरि के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. ऐसे में कार्रवाई शुरू करने से पहले झुग्गियों में रह रहे लोगों को अपना सामान हटाने के लिए एक बार फिर से करीब दो घंटे का समय दिया गया.

Haridwar Railway Land Encroachment

निर्धारित समय पूरा होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया और उनकी टीम के साथ हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही. अधिकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अभियान को पूरा कराया.

झुग्गियों को हटाने के दौरान वहां से विद्युत तार, कूलर, पंखे समेत अन्य घरेलू सामान भी मिला, जो ये दर्शाता है कि अतिक्रमणकारियों को निचले अधिकारियों और कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त था. हालांकि, रेलवे की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था. कब्जाधारकों को कई बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया. इसके बाद संयुक्त अभियान चलाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया.

टीम ने जब झुग्गी झोपड़ियों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की तब अंदर से बिजली की तारें मिली. कई झुग्गियों में कूलर, पंखे और अन्य बिजली के सामान मिले. इस दौरान लोगों ने बताया कि वो कई सालों से यहां रह रहे हैं और उनके वोट भी बने हैं. हालांकि, जब उनसे वोटर आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा गया तो, कार्रवाई के डर से उन्होंने इनकार कर दिया. कार्रवाई के दौरान रानीपुर कोतवाली, कनखल कोतवाली और ज्वालापुर कोतवाली पुलिस टीम के साथ आरपीएफ के जवान भी शामिल रहे.

अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक हादसा होने से टल गया. यहां जेसीबी ने जैसे ही एक झुग्गी तो तोड़ा, तो अचानक पूरी झुग्गी गिर पड़ी और तीन से चार पुलिसकर्मी व रेलवे के कर्मचारी उनके नीचे दब गए. गनीमत रही कि झुग्गियां केवल बांस की बनी थी और वजन कम होने के कारण हादसा टल गया.




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *